Ganesh Chaturthi 2025: गणपति बप्पा के रंग में रंगा भारत की कहानियां
हाय दोस्तों, मैं हूँ अमित, और आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ एक ऐसा कहानी, जो आपको Ganesh Chaturthi 2025 के रंग में डुबो देगा। तो चलिए, भाई, तैयार हो जाइए खूबसूरत भारत के साथ गणपति बप्पा के इस शानदार उत्सव की सैर पर चलने के लिए। ये पोस्ट मजेदार, थोड़ा इमोशनल, और एकदम दोस्ताना अंदाज में होगी। और हाँ, पिछले साल यानी 2024 की गणेश चतुर्थी का भी जिक्र करूँगा, जब मैं और मेरा दोस्त नवीन संबलपुर में इस उत्सव के रंग में डूबे थे।
गणेश चतुर्थी क्या है, यार? | Ganesh Chaturthi 2025
गणेश चतुर्थी, या जैसा कि हम प्यार से कहते हैं, Ganesh Utsav, वो त्योहार है जो भगवान गणेश के जन्मदिन को सेलिब्रेट करता है। गणपति बप्पा, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, उनके सम्मान में ये पर्व मनाया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को शुरू होने वाला ये उत्सव 10 दिनों तक चलता है, और आखिरी दिन Ganesh Visarjan के साथ खत्म होता है। Ganesh Chaturthi 2025 में ये पर्व 27 अगस्त से शुरू होगा और 6 सितंबर को विसर्जन के साथ पूरा होगा।
Ganesh Chaturthi त्योहार खासकर महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और गोवा में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन भाई, सच कहूँ तो अब तो पूरे भारत में गणपति बप्पा का जादू छाया हुआ है। चाहे गाँव हो या शहर, हर जगह पंडाल सजते हैं, ढोल-नगाड़े बजते हैं, और लोग “गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया” के नारे लगाते हुए झूमते हैं।
मेरी और नवीन की 2024 वाली गणेश चतुर्थी | Ganesh Chaturthi 2024
पिछले साल, यानी 2024 में, मैं और मेरा दोस्त नवीन ओडिशा के संबलपुर में थे। यार, क्या मस्ती थी! हम दोनों ने सोचा था कि संबलपुर में गणेश चतुर्थी शायद उतनी धूमधाम से नहीं मनती होगी, लेकिन भाई, हम गलत थे। वहाँ का माहौल देखकर तो हमारा दिल ही खुश हो गया। एक छोटा-सा पंडाल था, जिसमें गणपति बप्पा की मूर्ति इतनी सुंदर थी कि क्या बताऊँ! लाल और पीले फूलों से सजा हुआ, मोदक की खुशबू हवा में तैर रही थी, और बच्चे-बूढ़े सब मिलकर भक्ति में डूबे थे।
हम दोनों ने वहाँ एक स्थानीय परिवार के साथ पूजा में हिस्सा लिया। नवीन तो बड़ा उत्साही है, उसने तो मोदक बनाना भी सीख लिया। मैं तो बस खाने में मस्त था! हाहा। वहाँ के लोगों ने हमें इतना प्यार दिया कि लगा जैसे हम उनके परिवार का हिस्सा हैं। और विसर्जन के दिन, जब ढोल-ताशों के साथ गणपति को विदाई दी गई, तो थोड़ा इमोशनल भी हो गए थे। नवीन ने तो कहा, “अमित भाई, अगले साल फिर से यहीं आना है, बप्पा को बुलाने।” मैंने कहा, “यार, पूरे भारत में बप्पा के रंग देखने हैं, संबलपुर तो बस शुरुआत थी।”
Ganesh Chaturthi 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त
चलो, अब बात करते हैं 2025 की। Ganesh Chaturthi 2025 date के हिसाब से, ये पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर 1:54 बजे शुरू होगी और 27 अगस्त को दोपहर 3:44 बजे खत्म होगी। पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त (Ganesh Chaturthi 2025 shubh muhurat) सुबह 11:05 से दोपहर 1:40 बजे तक रहेगा।
विसर्जन 6 सितंबर को होगा, जो अनंत चतुर्दशी का दिन है। लेकिन कुछ लोग 1.5, 3, 5 या 7 दिन बाद भी विसर्जन करते हैं। ये सब आपकी सुविधा और परंपरा पर निर्भर करता है।
पूजा कैसे करें?| Ganesh Chaturthi 2025 puja vidhi
अब अगर आप सोच रहे हैं कि गणपति बप्पा की पूजा कैसे करनी है, तो मैं आपको एकदम आसान तरीके से बताता हूँ। देखो, दोस्त, ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है। बस दिल से श्रद्धा होनी चाहिए।
- तैयारी: सबसे पहले घर को अच्छे से साफ करें। पूजा स्थल को गंगा जल से शुद्ध करें। एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। गणेश जी की मूर्ति को उस पर रखें। आजकल तो eco-friendly Ganesh idols का चलन है, जो मिट्टी के बने होते हैं। पर्यावरण को बचाने के लिए ये सबसे अच्छा ऑप्शन है।
- प्राण प्रतिष्ठा: ये वो रस्म है जिसमें मूर्ति में भगवान का आह्वान किया जाता है। इसके लिए “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें। अगर आपको मंत्र याद न हो, तो बस दिल से बप्पा को बुलाएं।
- पूजा सामग्री: गणेश जी को दूर्वा (दूब घास), मोदक, लाल फूल, सिंदूर और 21 लड्डू चढ़ाएं। मोदक तो बप्पा का फेवरेट है, यार! मैं तो हर साल घर पर मम्मी से मोदक बनवाता हूँ। आप भी ट्राई करना। यहाँ क्लिक करें मोदक रेसिपी के लिए।
- आरती और भोग: गणेश जी की आरती करें। “सुखकर्ता दुखहर्ता” गाना तो हर कोई गाता है। भोग में मोदक, लड्डू और फल चढ़ाएं। बाद में ये प्रसाद सब में बाँट दें। गणेश जी की आरती आपको इस पोस्ट ले लास्ट में मिल जाएगा और इमेज सहित आरती भी उपलब्ध है जिसे आप सेव कर लो।
- विसर्जन: आखिरी दिन, यानी Ganesh Visarjan 2025, गणपति को विदाई दें। ढोल-नगाड़ों के साथ मूर्ति को नदी, तालाब या घर में बनाए गए टब में विसर्जन करें। और हाँ, “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या” जरूर कहना।
गणेश चतुर्थी का महत्व
दोस्तों, Ganesh Chaturthi सिर्फ एक त्योहार नहीं है, ये एक भावना है। ये वो समय है जब हम अपने सारे टेंशन छोड़कर बप्पा के भरोसे सब कुछ सौंप देते हैं। मान्यता है कि गणेश जी हर विघ्न को हर लेते हैं। चाहे बिजनेस में दिक्कत हो, पढ़ाई में प्रॉब्लम हो, या घर में कोई टेंशन, बप्पा सब सुलझा देते हैं।
और यार, इस त्योहार का एक और खास पहलू है – ये लोगों को एकजुट करता है। पंडालों में लोग मिलकर सजावट करते हैं, भजन गाते हैं, और प्रसाद बाँटते हैं। ये सब देखकर दिल को सुकून मिलता है। गणेश चतुर्थी के महत्व के बारे में और जानें।
Dagadusheth Halwai Ganpati का दर्शन
बात 2018 की है, जब मैं पुणे में था। वहाँ की गणेश चतुर्थी तो पूरी दुनिया में फेमस है। मैंने पहली बार Dagadusheth Halwai Ganpati का दर्शन किया था। यार, क्या भव्य पंडाल था! लाखों लोग लाइन में खड़े थे, फिर भी कोई झगड़ा नहीं, कोई धक्का-मुक्की नहीं। सब बप्पा के भक्ति में डूबे थे। मैंने वहाँ एक बुजुर्ग अंकल से बात की, जिन्होंने बताया कि वो पिछले 40 साल से हर साल Dagadusheth Halwai Ganpati के दर्शन करने आते हैं। उनकी आँखों में जो चमक थी, वो आज भी मुझे याद है।
उस दिन मैंने सोचा, भाई, ये त्योहार सिर्फ पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को जोड़ने का भी है। उस साल मेरे बिजनेस में कुछ दिक्कतें चल रही थीं, लेकिन बप्पा के दर्शन के बाद सब धीरे-धीरे ठीक होने लगा। शायद ये मेरा विश्वास था, शायद बप्पा का आशीर्वाद।
भारत में गणेश चतुर्थी का अलग-अलग रंग
Ganesh chaturthi पूरे भारत में अलग-अलग अंदाज में मनाई जाती है। चलो, मैं आपको कुछ खास जगहों के बारे में बताता हूँ:
- महाराष्ट्र: यहाँ तो गणेशोत्सव का अलग ही जलवा है। मुंबई का Lalbaugcha Raja और पुणे का Dagadusheth Halwai Ganpati देखने लायक हैं। पंडालों में 60-70 फीट की मूर्तियाँ, ढोल-ताशों की धुन, और भक्ति का माहौल – यार, ये सब अनुभव करना चाहिए। मुंबई के पंडालों की जानकारी यहाँ देखें।
- तमिलनाडु: यहाँ इसे Vinayaka Chaturthi कहते हैं। मंदिरों में खास पूजा होती है, और लोग कोलुकट्टई (एक तरह का मोदक) बनाते हैं।
- कर्नाटक: यहाँ Ganesh Habba के नाम से जाना जाता है। लोग पायसम और गोज्जू चढ़ाते हैं। बेंगलुरु के पंडाल भी कमाल के होते हैं।
- आंध्र प्रदेश/तेलंगाना: यहाँ Vinayaka Chavithi में हैदराबाद का खैरताबाद गणेश देखने लायक है। विशाल मूर्तियाँ और भव्य सजावट – एकदम अलग वाइब्स।
- गोवा: यहाँ Chavath में लोग अपने घरों में गणपति लाते हैं और नेवरी, पतोली जैसे पकवान बनाते हैं।
हर जगह का अपना फ्लेवर है, लेकिन बप्पा का प्यार हर जगह एक जैसा है।
पर्यावरण के साथ गणेश चतुर्थी
दोस्तों, एक जरूरी बात। आजकल eco-friendly Ganesh Chaturthi का चलन बढ़ रहा है, और ये बहुत अच्छी बात है। पहले लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियाँ बनाते थे, जो नदियों को प्रदूषित करती थीं। लेकिन अब मिट्टी की मूर्तियाँ (शाडू माटी) और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल हो रहा है। विसर्जन के लिए भी लोग घर पर टब में या कृत्रिम तालाबों में मूर्ति विसर्जित कर रहे हैं। इससे मिट्टी को आप गमलों में डाल सकते हैं। मैं और नवीन भी पिछले साल संबलपुर में एक इको-फ्रेंडली पंडाल में गए थे, जहाँ लोगों ने पेड़ लगाने की मुहिम भी शुरू की थी। इको-फ्रेंडली गणेश उत्सव के बारे में और जानें।
गणेश चतुर्थी का मजेदार किस्सा
चलो, यार, एक मजेदार बात बताता हूँ। Ganesh Chaturthi 2024 में बिलासपुर में विसर्जन के दौरान नवीन ने ढोल बजाने की कोशिश की। भाई, वो तो ऐसा बजा कि सब हँसने लगे। ढोल से आवाज कम, और उसकी “हाय-हाय” ज्यादा निकल रही थी। लेकिन मजा बहुत आया। वहाँ के कुछ बच्चे हमारे साथ नाचने लगे, और एक अंकल ने तो हमें अपने घर बुलाकर लड्डू खिलाए। ऐसे पल ही तो गणेश चतुर्थी को खास बनाते हैं।
गणेश चतुर्थी के मंत्र और उनकी ताकत
अगर आप गणेश जी की पूजा में मंत्र जपना चाहते हैं, तो ये कुछ आसान मंत्र हैं:
- ॐ गं गणपतये नमः: ये सबसे आसान और पावरफुल मंत्र है। इससे हर काम में सफलता मिलती है।
- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ: ये मंत्र विघ्न हटाने और सकारात्मक ऊर्जा के लिए है।
- संकट नाशन गणेश स्तोत्र: अगर आपने गलती से चतुर्थी के दिन चाँद देख लिया, तो ये पढ़ लें। कहते हैं इससे मिथ्या दोष खत्म होता है।
मैं तो रोज सुबह गणेश जी का एक मंत्र जपता हूँ। इससे मन को शांति मिलती है। आप भी ट्राई करना।
गणेश जी की आरती | Ganesh ji Ki Aarati

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।।
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
गणेश चतुर्थी और हमारी जिम्मेदारी
दोस्तों, गणेश चतुर्थी सिर्फ मस्ती और भक्ति का त्योहार नहीं है। ये हमें एकजुट होने और समाज के लिए कुछ करने का मौका भी देता है। कई पंडालों में रक्तदान शिविर, पौधरोपण, और गरीबों को खाना बाँटने जैसे काम होते हैं। मैं और नवीन इस साल 2025 में किसी ऐसे पंडाल में जाने की सोच रहे हैं, जहाँ हम भी कुछ अच्छा कर सकें। आप भी अपने आसपास ऐसे आयोजनों में हिस्सा लें। बप्पा को यही सबसे ज्यादा पसंद है।
2025 में गणेश चतुर्थी की तैयारी
तो भाई, 2025 की गणेश चतुर्थी के लिए अभी से प्लानिंग शुरू कर दो। अपने घर को सजाओ, मोदक बनाओ, और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को बुलाकर इस उत्सव का मजा लो। और हाँ, अगर आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मुंबई, पुणे, या हैदराबाद जरूर जाओ। वहाँ का गणेशोत्सव देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा।
दोस्तों, Ganesh Chaturthi मेरे लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक फीलिंग है। ये वो समय है जब हम सब मिलकर बप्पा के रंग में रंग जाते हैं। चाहे संबलपुर का छोटा-सा पंडाल हो या मुंबई का लालबागचा राजा, बप्पा का आशीर्वाद हर जगह एक जैसा है। तो इस 27 अगस्त को Ganesh Chaturthi 2025 को पूरे जोश के साथ मनाइए, और बप्पा से कहिए, “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या!”
भाई आप मेरे इन पोस्ट को भी एक बार देख लो जिसमें मैं रथ यात्रा और कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में विस्तार से बताया हु।
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अमित, खूबसूरत भारत
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