Nahargarh Fort Jaipur : इतिहास, खूबसूरती और यादों का एक अनोखा सफर

Nahargarh Fort Jaipur : इतिहास, स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम

नमस्ते दोस्तों! स्वागत है आपका Khubsurat Bharat के इस नए पोस्ट में, जहां मैं, आपका दोस्त अमित, आज आपको ले चलता हूँ राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर के एक ऐसे किले की सैर पर, जो सिर्फ़ पत्थरों और दीवारों की कहानी नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और कुछ अनसुने किस्सों का खजाना है Nahargarh Fort. यार, ये जगह इतनी खूबसूरत है कि अगर आप जयपुर आए और यहाँ नहीं गए, तो समझो आपने जयपुर का आधा मज़ा मिस कर लिया। पिछले साल मैं अपने दोस्त भवानी के साथ यहाँ गया था, और भाई, वो दिन आज भी मेरे ज़हन में ताज़ा है। तो चलिए, थोड़ा सा time travel करते हैं और इस किले की सैर पर निकल पड़ते हैं। तैयार हैं ना?

Nahargarh Fort एक झलक इतिहास की

दोस्तों, Nahargarh Fort जयपुर की अरावली पहाड़ियों की चोटी पर बसा एक ऐसा किला है, जो न सिर्फ़ अपनी भव्यता के लिए मशहूर है, बल्कि इसके पीछे की कहानियाँ भी इसे और खास बनाती हैं। इस किले का निर्माण 1734 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने करवाया था। सवाई जय सिंह, यार, वो शख्स थे जिन्होंने जयपुर शहर को बसाया और इसे एक सुनियोजित शहर बनाया। किले का नाम पहले सुदर्शनगढ़ था, लेकिन बाद में इसे नाहरगढ़ नाम मिला। नाहरगढ़ का मतलब है “बाघों का निवास”। अब आप सोच रहे होंगे कि बाघों का क्या चक्कर है? तो सुनिए, एक मज़ेदार किस्सा है इसके पीछे।

कहते हैं कि जब इस किले का निर्माण हो रहा था, तब रात में बनाई गई दीवारें सुबह तक ढह जाया करती थीं। स्थानीय लोगों का मानना था कि ये सब एक राठौर राजकुमार नाहर सिंह भोमिया की आत्मा का काम था, जो अपनी जगह पर किसी और के कब्जे से नाराज़ थी। फिर क्या, महाराजा सवाई जय सिंह ने उस आत्मा को शांत करने के लिए किले के अंदर एक मंदिर बनवाया और किले का नाम नाहरगढ़ रख दिया। अब भूत-प्रेत की बातें सच हैं या झूठ, ये तो मैं नहीं जानता, लेकिन ये किस्सा सुनकर मेरे रोंगटे ज़रूर खड़े हो गए थे जब मैं वहाँ भवानी के साथ घूम रहा था। भवानी तो मज़ाक में बोला, “यार, रात को यहाँ मत आना, कहीं भोमिया जी मिल न जाएँ!” 

किले की बनावट 

यार, Nahargarh Fort की वास्तुकला देखकर आप दंग रह जाएँगे। ये किला इंडो-यूरोपियन शैली में बना है, जिसमें राजस्थानी कला का तड़का और यूरोपियन स्टाइल का मॉडर्न टच है। किले की दीवारें इतनी मज़बूत हैं कि इसे कभी किसी दुश्मन ने नहीं भेदा। इसके साथ ही, ये किला जयगढ़ किले और आमेर किले के साथ मिलकर जयपुर की रक्षा का एक त्रिकोण बनाता था।

Nahargarh Fort image

किले के अंदर प्रवेश करते ही आपको ताड़ीगेट नाम का भव्य प्रवेश द्वार मिलेगा। यहाँ से अंदर जाते ही आपको दो मंदिर दिखेंगे – एक नाहर सिंह भोमिया को समर्पित और दूसरा जयपुर के शासकों की कुलदेवी को। किले का सबसे खूबसूरत हिस्सा है Madhavendra Bhawan, जो महाराजा सवाई माधो सिंह ने बनवाया था। ये भवन राजा और उनकी रानियों के लिए बनाया गया था। इसमें 12 एकसमान कमरे हैं, हर एक रानी के लिए एक, और राजा का कमरा सबसे ऊपर। भवानी ने मज़ाक में बोला, “यार, राजा साहब तो बड़े मैनेजर थे, हर रानी को बराबर का कमरा!” 

इन कमरों में आपको खूबसूरत frescoes और दीवारों पर बनी नक्काशी देखने को मिलेगी। हर कमरे में लॉबी, बेडरूम, रसोई और शौचालय हैं। और हाँ, ये कमरे गलियारों से जुड़े हुए हैं, जो इतने खूबसूरत हैं कि आपको लगेगा जैसे आप किसी पुरानी राजसी दुनिया में खो गए हैं।

मेरी और भवानी की नाहरगढ़ यात्रा

पिछले साल जब मैं और भवानी जयपुर गए थे, तो हमने सोचा कि क्यों न Nahargarh Fort की सैर की जाए। यार, हम सुबह-सुबह ही निकल पड़े थे, क्योंकि गर्मी से बचना था। जयपुर की सड़कों पर स्कूटर भाड़े पर लिया और अरावली की पहाड़ियों की ओर बढ़ चले। रास्ते में भवानी ने अपनी धूप की चश्मा निकाली और बोला, “बॉलीवुड स्टाइल में किला देखने चलते हैं!” 

जब हम किले पर पहुँचे, तो वहाँ का नज़ारा देखकर मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं। जयपुर शहर का पूरा panoramic view हमारे सामने था। गुलाबी शहर की चमक, दूर तक फैली इमारतें, और सूरज की किरणें जो पहाड़ियों पर पड़ रही थीं – यार, वो नज़ारा आज भी मेरे दिल में बस्ता है। हमने वहाँ ढेर सारी तस्वीरें खींचीं। भवानी तो एकदम इंस्टाग्राम मोड में चला गया था, हर कोने से फोटो खींच रहा था।

वहाँ एक रेस्तरां है, Padao Restaurant, जहाँ हमने खाना खाया। दोस्तों, अगर आप Nahargarh Fort Jaipur जाएँ, तो यहाँ का खाना ज़रूर ट्राई करें। राजस्थानी थाली में दाल-बाटी-चूरमा खाकर हम दोनों का दिल खुश हो गया। भवानी ने तो मज़ाक में कहा, “यार, ये खाना खाकर तो मैं राजा सवाई जय सिंह बनने को तैयार हूँ!” 

नाहरगढ़ में क्या-क्या करें?

दोस्तों, Nahargarh Fort सिर्फ़ इतिहास और वास्तुकला तक सीमित नहीं है। यहाँ करने के लिए ढेर सारी चीज़ें हैं। मैं आपको कुछ खास चीज़ें बता रहा हूँ, जो आपको ज़रूर ट्राई करनी चाहिए:

1. सूर्यास्त का नज़ारा: यार, अगर आप सूर्यास्त देखने के शौकीन हैं, तो Kali Burj या Nahargarh Baori पर ज़रूर जाएँ। यहाँ से जयपुर शहर का सूर्यास्त इतना खूबसूरत दिखता है कि आपका मन करेगा बस यहीं बैठे रहें। भवानी और मैं यहाँ बैठकर सूरज को ढलते देख रहे थे, और वो पल इतना सुकून भरा था कि मैं आज भी उसे याद करके इमोशनल हो जाता हूँ।

2. जैविक उद्यान (Nahargarh Biological Park): किले के पास ही एक जैविक उद्यान है, जहाँ आप जंगली जानवरों को देख सकते हैं। यहाँ तेंदुआ, बाघ और कई तरह के पक्षी हैं। अगर आपको wildlife photography का शौक है, तो ये जगह आपके लिए जन्नत है।

3. साइकिलिंग का मज़ा: किले के आसपास साइकिलिंग के रास्ते हैं। हमने तो स्कूटर लिया था, लेकिन अगर आप साइकिलिंग के शौकीन हैं, तो ये ज़रूर ट्राई करें।

4. जयपुर वैक्स म्यूज़ियम और शीश महल: किले के अंदर ही Jaipur Wax Museum और Sheesh Mahal है। वैक्स म्यूज़ियम में आपको बॉलीवुड सितारों से लेकर स्वतंत्रता सेनानियों तक की मूर्तियाँ देखने को मिलेंगी। शीश महल की चमक-दमक तो ऐसी है कि आप खो जाएँगे। हालाँकि, भवानी ने कहा कि ये थोड़ा ओवररेटेड है, लेकिन मेरे हिसाब से एक बार देखने में कोई हर्ज़ नहीं।

5. रेस्तरां में डिनर: किले में दो रेस्तरां हैं – Padao Restaurant और Once Upon a Time। यहाँ आप देर रात तक जयपुर शहर के नज़ारे देखते हुए खाना खा सकते हैं। यार, रात में जयपुर की जगमगाहट देखकर ऐसा लगता है जैसे सितारे ज़मीन पर उतर आए हों।

Nahargarh Fort का भूतिया किस्सा सच या अफवाह?

यार, अब थोड़ा सा मज़ा लेते हैं। Nahargarh Fort को कुछ लोग भूतिया भी मानते हैं। कहते हैं कि रात में यहाँ अजीब-अजीब आवाज़ें सुनाई देती हैं। 2017 में यहाँ एक शख्स की लाश दीवार से लटकती मिली थी, जिसके बाद से ये जगह और रहस्यमयी हो गई। भवानी तो डर गया था और बोला, “यार, रात को यहाँ नहीं रुकना, वरना भूत के साथ सेल्फी लेनी पड़ेगी!” 

लेकिन दोस्तों, मैं तो मानता हूँ कि ये सब अफवाहें हैं। मैंने और भवानी ने दिन में ही किला घूमा, और हमें तो बस खूबसूरती और शांति मिली। फिर भी, अगर आप थोड़े डरपोक हैं, तो रात में अकेले यहाँ जाने से बचें। वैसे, अगर आप haunted stories के शौकीन हैं, तो हॉलिडे राइडर पर नाहरगढ़ के भूतिया किस्सों के बारे में और पढ़ सकते हैं।

Nahargarh Fort कैसे पहुँचें?

दोस्तों, Nahargarh Fort जयपुर के बाहरी इलाके में, अरावली पहाड़ियों पर बसा है। यहाँ पहुँचना बहुत आसान है। आप जयपुर शहर से टैक्सी, ऑटो या अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। अगर आप जयपुर रेलवे स्टेशन से आ रहे हैं, तो किला लगभग 15 किमी दूर है। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से किले की दूरी करीब 20 किमी है।

हमने तो स्कूटर लिया था, जो हमें जयपुर थ्रू माय लेंस के एक ब्लॉग से आइडिया मिला। स्कूटर से जाना मज़ेदार रहा, क्योंकि रास्ते में हवा के झोंके और पहाड़ियों का नज़ारा अलग ही मज़ा देता है। अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज़ करना चाहते हैं, तो लोकल बसें भी उपलब्ध हैं।

टिकट और समय

Nahargarh Fort की टिकट की कीमत भारतीयों के लिए 50 रुपये और विदेशियों के लिए 200 रुपये है। अगर आप स्टूडेंट हैं, तो 25 रुपये में भी टिकट मिल सकता है। किला सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुला रहता है। लेकिन दोस्तों, अगर आप सूर्यास्त देखना चाहते हैं, तो Padao Restaurant या Kali Burj पर जा सकते हैं, क्योंकि वहाँ सूर्यास्त के समय भी रुकने की इजाज़त है।

किले को पूरी तरह घूमने में आपको 2-3 घंटे लग सकते हैं। अगर आप वैक्स म्यूज़ियम और शीश महल भी देखना चाहते हैं, तो थोड़ा ज़्यादा समय रखें।

Nahargarh Fort घूमने का सही समय

दोस्तों, जयपुर का मौसम गर्मियों में बहुत गर्म और सर्दियों में ठंडा रहता है। Nahargarh Fort घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है, जब मौसम सुहाना रहता है। मैं और भवानी नवंबर में गए थे, और यार, वो ठंडी हवा और हल्की धूप ने मजा दोगुना कर दिया। गर्मियों में यहाँ जाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि पहाड़ी पर चढ़ना और घूमना गर्मी में थकाऊ हो जाता है।

आसपास की जगहें

Nahargarh Fort के आसपास भी देखने लायक कई जगहें हैं। अगर आप जयपुर घूम रहे हैं, तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में ज़रूर शामिल करें:

इन सभी जगहों की जानकारी के लिए आप जयपुर टूर गाइड  पर जा सकते हैं।

मेरा इमोशनल कनेक्शन

दोस्तों, Nahargarh Fort मेरे लिए सिर्फ़ एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं है। पिछले साल जब मैं भवानी के साथ यहाँ आया था, तो मेरे लिए ये एक खास पल था। भवानी मेरा स्कूल का दोस्त है, और हम कई सालों बाद मिले थे। उस दिन हमने किले की दीवारों पर बैठकर पुरानी यादें ताज़ा कीं, हँसे, मज़ाक किया और जयपुर की खूबसूरती को दिल से महसूस किया। वो पल मेरे लिए इतने कीमती हैं कि मैं जब भी नाहरगढ़ के बारे में सोचता हूँ, तो वो हँसी, वो मस्ती और वो दोस्ती की गर्माहट याद आती है।

यार, ज़िंदगी में ऐसी जगहें और ऐसे दोस्त बहुत मायने रखते हैं। Nahargarh Fort ने मुझे सिर्फ़ इतिहास और खूबसूरती ही नहीं दी, बल्कि एक ऐसी याद दी जो मैं ज़िंदगी भर नहीं भूलूँगा।

एक और खूबसूरत सफर का अंत

तो दोस्तों, अगर आप जयपुर जा रहे हैं, तो Nahargarh Fort Jaipur को अपनी लिस्ट में ज़रूर शामिल करें। ये किला आपको इतिहास, खूबसूरती, रोमांच और सुकून का एकदम परफेक्ट मिक्स देगा। और हाँ, अगर आप अपने किसी खास दोस्त के साथ जाएँ, तो ये जगह और भी खास हो जाएगी। मेरी तरह आप भी यहाँ से कुछ यादें बना लाएँ, जो आपके दिल में हमेशा रहें।

अगर आपको ये कहानी पसंद आया, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। और हाँ, Khubsurat Bharat पर ऐसी ही खूबसूरत जगहों की कहानियाँ पढ़ते रहें। अगर आपने नाहरगढ़ किला घूमा है, तो नीचे कमेंट में अपनी कहानी ज़रूर बताएँ। भवानी की तरह कोई मज़ेदार किस्सा हो, तो वो भी शेयर करें! 

अगली बार फिर मिलते हैं, किसी और खूबसूरत जगह की कहानी के साथ। तब तक, घूमते रहें, मुस्कुराते रहें!

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