प्रसिद्ध देवी मंदिर : भारत के शक्तिपीठों की यात्रा गाइड और जानकारी

प्रसिद्ध देवी मंदिर: एक आध्यात्मिक यात्रा का मार्गदर्शन

हिंदू धर्म में माता की उपासना को अत्यंत पवित्र माना जाता है, और भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध देवी मंदिर हैं जो श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक केंद्र के रूप में जाने जाते हैं। इन मंदिरों में न केवल धार्मिक महत्व है, बल्कि इनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी अद्भुत है। इस पोस्ट में हम भारत के कुछ प्रसिद्ध देवी मंदिरों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे, साथ ही इनकी यात्रा से संबंधित जानकारी और उपयोगी टिप्स भी साझा करेंगे। आइए, इन पवित्र स्थानों की यात्रा पर निकलें!

1. वैष्णो देवी मंदिर, कटरा (जम्मू और कश्मीर)

वैष्णो देवी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और धनी मंदिरों में से एक है, जो जम्मू और कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित है। इस प्रसिद्ध देवी मंदिर को माता रानी या वैष्णवी के रूप में भी जाना जाता है, और यह माना जाता है कि यहाँ माता दुर्गा का वास है। हर साल करीब एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस मंदिर में माता के दर्शन के लिए आते हैं।

प्रसिद्ध देवी मंदिर

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: कटरा, जम्मू और कश्मीर
  • पहुँच: निकटतम हवाई अड्डा जम्मू हवाई अड्डा है, और रेलवे स्टेशन कटरा रेलवे स्टेशन। कटरा से मंदिर तक की दूरी करीब 13 किलोमीटर है, जिसे पैदल, घोड़े, पालकी या हेलीकॉप्टर से तय किया जा सकता है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से मार्च (सर्दियों में सुंदर दृश्यों के लिए), हालांकि नवरात्रि के दौरान (सितंबर-अक्टूबर) सबसे अधिक भीड़ होती है।
  • पंजीकरण: यात्रा से पहले श्रद्धालुओं को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन या कटरा बस स्टैंड पर यात्रा पर्ची (RFID यात्रा एक्सेस कार्ड) प्राप्त करना अनिवार्य है। यह मुफ्त है और सुरक्षा के लिए जरूरी है।
  • सुविधाएँ: हेलीकॉप्टर सेवा (कटरा से सांझीछट तक), रोपवे (भवन से भैरो मंदिर तक), और रास्ते में भोजनालय और विश्राम स्थल उपलब्ध हैं।
  • टिप: भीड़भाड़ वाले दिनों में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग) हो सकती है, इसलिए पहले से योजना बनाएं।

और जानकारी के लिए: Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board

2. कामाख्या देवी मंदिर, गुवाहाटी (असम)

कामाख्या देवी मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, और यह प्रसिद्ध देवी मंदिर असम की राजधानी गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर माता सती से जुड़ा हुआ है, और यहाँ माना जाता है कि माता सती का योनि भाग गिरा था। यह मंदिर तांत्रिक परंपराओं और रहस्यमयी ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है।

प्रसिद्ध देवी मंदिर

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: गुवाहाटी, असम
  • पहुँच: निकटतम हवाई अड्डा लोहित हवाई अड्डा (गुवाहाटी) और रेलवे स्टेशन गुवाहाटी जंक्शन है। मंदिर शहर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: जून (अंबुबाची मेला) के दौरान मंदिर में विशेष उत्सव होता है, लेकिन साल भर दर्शन संभव हैं।
  • टिप: मंदिर में प्रवेश के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन भीड़ के दिनों में प्रबंधन सख्त होता है।

और जानकारी के लिए: Kamakya Temple Official Site

3. अंलोपि देवी मंदिर, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

अंलोपि देवी मंदिर प्रयागराज में संगम के पास स्थित है, जहां गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का मिलन होता है। यह माना जाता है कि यहाँ माता सती का अंतिम भाग गिरा था, जिसके कारण यह शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। इस प्रसिद्ध देवी मंदिर की एक अनोखी विशेषता यह है कि यहाँ एक लकड़ी की पालकी (दोली) की पूजा की जाती है, न कि किसी मूर्ति की।

प्रसिद्ध देवी मंदिर

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
  • पहुँच: निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन और हवाई अड्डा बाबू बनारसी दास हवाई अड्डा है। मंदिर संगम से पैदल दूरी पर है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से मार्च और नवरात्रि के दौरान।
  • टिप: मेला और त्योहारों के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।

और जानकारी के लिए: Yatra.com – Alopi Devi Mandir

4. सप्तश्रृंगी देवी मंदिर, सपुतारा (महाराष्ट्र)

सप्तश्रृंगी देवी मंदिर महाराष्ट्र के सपुतारा में वाणी नामक स्थान पर स्थित है, जो सात चोटियों से घिरा हुआ है। यह प्रसिद्ध देवी  मंदिर माता दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी रूप को समर्पित है, और यहाँ एक पवित्र गुफा में माता की मूर्ति स्थापित है।

प्रसिद्ध देवी मंदिर

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: सपुतारा, महाराष्ट्र (नासिक के पास)
  • पहुँच: निकटतम रेलवे स्टेशन नासिक रोड और हवाई अड्डा सूरत या मुंबई है। मंदिर तक पहुँचने के लिए पहाड़ी पर 510 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: नवंबर से फरवरी तक।
  • टिप: पहाड़ी पर चढ़ाई के लिए अच्छे जूते और पानी की बोतल साथ रखें।

और जानकारी के लिए: Yatra.com – Saptashrungi Devi Mandir

5. मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार (उत्तराखंड)

हरिद्वार में स्थित मनसा देवी मंदिर गंगा नदी के किनारे पर है और यहाँ से गंगा का दृश्य बेहद सुंदर है। यह प्रसिद्ध देवी मंदिर रोपवे (उड़न खटोला) के लिए भी प्रसिद्ध है, जो श्रद्धालुओं को मंदिर तक आसानी से पहुँचाता है।

प्रसिद्ध देवी मंदिर

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
  • पहुँच: निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार और हवाई अड्डा जॉली ग्रांट, देहरादून है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: अप्रैल से अक्टूबर तक, कुंभ मेला के दौरान विशेष आकर्षण।
  • रोपवे: रोपवे टिकट की कीमत लगभग 100-150 रुपये प्रति व्यक्ति है, और यह सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होता है।

और जानकारी के लिए: Make my trip – Mansa Devi Ropeway

6. तारा तारिणी मंदिर, बेरहामपुर (ओडिशा)

तारा तारिणी मंदिर ओडिशा के गंजाम जिले में स्थित है और इसे 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह प्रसिद्ध देवी मंदिर माता तारा और तारिणी (दुर्गा के रूप) को समर्पित है। मंदिर की स्थापना पहाड़ी की चोटी पर की गई है, जो प्रकृति की सुंदरता से घिरा हुआ है।

Prasiddh devi mandir

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: बेरहामपुर, ओडिशा
  • पहुँच: निकटतम रेलवे स्टेशन बेरहामपुर और हवाई अड्डा भुवनेश्वर है। मंदिर तक पहुँचने के लिए 999 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं या वाहन से पहुँचा जा सकता है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से मार्च तक, विशेष रूप से चैत्र और अश्विन नवरात्रि के दौरान।
  • टिप: पहाड़ी पर चढ़ाई के लिए फिटनेस और सावधानी जरूरी है।

और जानकारी के लिए: Odisha Tourism – Tara Tarini

7. चामुंडा देवी मंदिर, मैसूर (कर्नाटक)

चामुंडा देवी मंदिर कर्नाटक के मैसूर में चामुंडी पहाड़ी पर स्थित है और माता दुर्गा के उग्र रूप चामुंडा को समर्पित है। यह प्रसिद्ध देवी मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि मैसूर के पर्यटन स्थलों में भी शामिल है।

Prasiddh devi mandir

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: मैसूर, कर्नाटक
  • पहुँच: निकटतम रेलवे स्टेशन मैसूर जंक्शन और हवाई अड्डा मैसूर हवाई अड्डा है। मंदिर शहर से करीब 13 किलोमीटर की दूरी पर है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से फरवरी तक।
  • टिप: मंदिर तक पहुँचने के लिए रोपवे और वाहन की सुविधा उपलब्ध है। स्थानीय दशहरा उत्सव के दौरान यहाँ विशेष आयोजन होते हैं।

और जानकारी के लिए: Karnataka Tourism – Chamundeshwari Temple

8. कालिका माता मंदिर, पावागढ़ (गुजरात)

कालिका माता मंदिर गुजरात के पंचमहल जिले में पावागढ़ पहाड़ी पर स्थित एक प्रसिद्ध देवी मंदिर है और इसे गुजरात का एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है। माता कालिका को यहाँ की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है।

Prasiddh devi mandir

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: पावागढ़, गुजरात
  • पहुँच: निकटतम रेलवे स्टेशन गोधरा और हवाई अड्डा अहमदाबाद है। मंदिर तक 3,000 से अधिक सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन रोपवे भी उपलब्ध है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: सितंबर से मार्च तक।
  • टिप: रोपवे की सुविधा लेने के लिए अग्रिम बुकिंग करें, और पहाड़ी पर चढ़ाई के लिए तैयार रहें।

और जानकारी के लिए: Gujarat Tourism – Kalika Mata Temple

9. शारदा देवी मंदिर, श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर)

शारदा देवी मंदिर जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर के पास स्थित है और यह माता शारदा (ज्ञान और विद्या की देवी) को समर्पित है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि प्राचीन समय से विद्वानों और छात्रों के लिए भी पवित्र माना जाता है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां माता सती का दाहिना हाथ गिरा था।

Prasiddh devi mandir

यात्रा जानकारी:

  • स्थान: श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर
  • पहुँच: निकटतम हवाई अड्डा श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन जम्मू तवी है। मंदिर तक सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है, जो श्रीनगर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है।
  • सर्वश्रेष्ठ समय: अप्रैल से अक्टूबर तक, जब मौसम सुहावना होता है। नवरात्रि के दौरान यहाँ विशेष पूजा और मेले आयोजित होते हैं।
  • टिप: पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण ठंडे कपड़े और यात्रा के लिए उचित जूते साथ रखें। स्थानीय गाइड की मदद लेना उपयोगी हो सकता है।

और जानकारी के लिए: Jammu & Kashmir Tourism – Sharda Devi Temple

10. प्रसिद्ध देवी मंदिर यात्रा के लिए उपयोगी टिप्स

  • पहले से योजना बनाएं: भीड़भाड़ वाले त्योहारों और सप्ताहांत से बचें। ऑनलाइन बुकिंग और पंजीकरण की सुविधा का उपयोग करें।
  • सुविधाएँ: अधिकतर मंदिरों में हेलीकॉप्टर, रोपवे, और परिवहन सेवाएँ उपलब्ध हैं। स्थानीय गाइड या ऐप्स की मदद लें।
  • सुरक्षा: पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतें, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
  • अनुष्ठान: मंदिरों में स्थानीय रीति-रिवाजों और नियमों का पालन करें।
  • यात्रा कैसे शुरू करें : एक अनोखी पर्यटन मार्गदर्शिका

निष्कर्ष

ये प्रसिद्ध देवी मंदिर न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक हैं। प्रत्येक मंदिर की अपनी अनोखी कहानी और महत्व है, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यदि आप इन पवित्र स्थानों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ऊपर दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। माता की कृपा और आशीर्वाद के लिए इन मंदिरों की यात्रा निश्चित रूप से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

सफर की तैयारी करें, और माता के चरणों में शीघ्र पहुँचें! यदि आपको और जानकारी चाहिए, तो ऊपर दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें और अधिक जानें।

संपर्क और और जानकारी के लिए: Holidify – Indian Temples Guide


 

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