कामाख्या मंदिर यात्रा: संपूर्ण जानकारी, घूमने की जगहें और टिप्स

कामाख्या मंदिर यात्रा: संपूर्ण जानकारी, घूमने की जगहें और टिप्स

कामाख्या मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शक्तिपीठों में से एक है, जो असम की राजधानी दिसपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूर गुवाहाटी के नीलाचल पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर माता सती को समर्पित है और तांत्रिक साधना के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको कामाख्या मंदिर की यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी, वहां घूमने की जगहें, और कुछ उपयोगी टिप्स देंगे ताकि आपकी यात्रा सुगम और यादगार हो।


कामाख्या मंदिर का परिचय

कामाख्या मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है और इसे शक्ति की देवी सती का सबसे महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान शिव अपनी पत्नी सती के मृत शरीर को लेकर तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खंडित कर दिया। जहां-जहां सती के अंग गिरे, वहां शक्तिपीठ बन गए। कामाख्या में सती की योनि गिरी थी, जिसके कारण यह स्थान तंत्र साधना और स्त्री शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

कामाख्या मंदिर

मंदिर का गर्भगृह एक गुफा के रूप में है, जहां कोई मूर्ति नहीं है। इसके बजाय, एक प्राकृतिक चट्टान की पूजा की जाती है, जो योनि के आकार की है और हमेशा नम रहती है। यह मंदिर अपनी रहस्यमयी और आध्यात्मिक शक्ति के लिए जाना जाता है।


कामाख्या मंदिर का इतिहास

कामाख्या मंदिर का निर्माण 8वीं-9वीं शताब्दी में माना जाता है, हालांकि इसे कई बार पुनर्निर्माण किया गया। 16वीं शताब्दी में कोच वंश के राजा नरनारायण और उनके भाई चिलराय ने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। मंदिर की वास्तुकला नीलाचल शैली की है, जिसमें हिंदू और स्थानीय असमिया प्रभाव देखने को मिलता है। मंदिर के शिखर पर देवी-देवताओं की बारीक नक्काशी इसे और भी आकर्षक बनाती है।


कामाख्या मंदिर कैसे पहुंचें

कामाख्या मंदिर गुवाहाटी से मात्र 8-10 किलोमीटर की दूरी पर है। आप तीनों प्रमुख मार्गों से यहां पहुंच सकते हैं:

1. हवाई मार्ग

  • निकटतम हवाई अड्डा: लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (गुवाहाटी), जो मंदिर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है।
  • कैसे पहुंचें: हवाई अड्डे से टैक्सी या कैब बुक करें, जो आपको 30-40 मिनट में मंदिर तक पहुंचा देगी। किराया लगभग 500-700 रुपये हो सकता है।

2. रेल मार्ग

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: गुवाहाटी रेलवे स्टेशन, मंदिर से 7 किलोमीटर दूर।
  • कैसे पहुंचें: स्टेशन से ऑटो रिक्शा या टैक्सी आसानी से उपलब्ध है। ऑटो का किराया 100-150 रुपये और टैक्सी का 200-300 रुपये हो सकता है।

3. सड़क मार्ग

  • गुवाहाटी सड़क मार्ग से पूरे भारत से अच्छी तरह जुड़ा है। आप बस, कार या टैक्सी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
  • टिप: यदि आप दिल्ली, कोलकाता या मुंबई से सड़क यात्रा कर रहे हैं, तो राष्ट्रीय राजमार्ग की जानकारी जांच लें।

कामाख्या मंदिर के दर्शन का समय

  • सामान्य समय: सुबह 5:30 बजे से रात 10:00 बजे तक।
  • विशेष समय: अंबुबाची मेला (जून में) के दौरान मंदिर 3-4 दिनों के लिए बंद रहता है, जब माता रजस्वला होती हैं।
  • टिप: सुबह जल्दी दर्शन के लिए जाएं ताकि भीड़ से बचा जा सके।

कामाख्या मंदिर में प्रमुख उत्सव

1. अंबुबाची मेला

  • कब: हर साल जून में (22-26 जून के आसपास)।
  • खासियत: इस दौरान माता रजस्वला होती हैं, और गर्भगृह में रखा सफेद कपड़ा लाल हो जाता है, जिसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। यह तांत्रिकों और भक्तों के लिए विशेष समय होता है।

2. दुर्गा पूजा

  • असम में दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाई जाती है, और कामाख्या मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है।

कामाख्या मंदिर के आसपास घूमने की जगहें

कामाख्या मंदिर की यात्रा के साथ-साथ आप गुवाहाटी और आसपास की इन खूबसूरत जगहों को भी देख सकते हैं:

1. उमानंद मंदिर

  • स्थान: ब्रह्मपुत्र नदी के बीच पीकॉक द्वीप पर।
  • खासियत: भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर प्रकृति और आध्यात्म का अनूठा संगम है।
  • कैसे पहुंचें: गुवाहाटी से नाव लेकर 20-30 मिनट में पहुंच सकते हैं।

2. असम राज्य संग्रहालय

  • स्थान: गुवाहाटी शहर में।
  • खासियत: असम की संस्कृति, इतिहास और कला को दर्शाता यह संग्रहालय इतिहास प्रेमियों के लिए शानदार है।

3. दीपोर बील

  • स्थान: गुवाहाटी से 10 किलोमीटर दूर।
  • खासियत: यह एक वेटलैंड और पक्षी अभयारण्य है, जहां आप प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।

4. नवग्रह मंदिर

  • स्थान: गुवाहाटी में चित्रचाल पहाड़ी पर।
  • खासियत: नौ ग्रहों को समर्पित यह मंदिर ज्योतिष और आध्यात्म में रुचि रखने वालों के लिए खास है।

5. माटी केंद्र

  • स्थान: गुवाहाटी में उज़ान बाज़ार के पास।
  • खासियत: स्थानीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक उत्पादों की खरीदारी के लिए बेहतरीन जगह।

कहां ठहरें?

कामाख्या मंदिर के पास ठहरने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं:

  • धर्मशालाएं: माता कामाख्या विश्राम गृह और ललिता कान्ता यात्री निवास (ATDC) सस्ते और सुविधाजनक हैं। किराया 300-500 रुपये प्रति दिन।
  • होटल: गुवाहाटी में प्राशांति टूरिस्ट लॉज और अन्य 3-4 सितारा होटल उपलब्ध हैं। ऑनलाइन बुकिंग के लिए OYO Rooms या MakeMyTrip देखें।
  • टिप: मंदिर के पास ठहरने की व्यवस्था पहले से बुक कर लें, खासकर अंबुबाची मेले के दौरान।

यात्रा के लिए टिप्स

  1. सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से मार्च, जब मौसम सुहावना होता है।
  2. कपड़े: मंदिर में पारंपरिक और शालीन कपड़े पहनें।
  3. सुरक्षा: भीड़भाड़ में अपने सामान का ध्यान रखें।
  4. भोजन: गुवाहाटी में असमिया व्यंजन जैसे मासोर टेंगा और पिठा जरूर आजमाएं।
  5. स्थानीय परिवहन: ऑटो और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।
  6. यात्रा कैसे शुरू करें : एक अनोखी पर्यटन मार्गदर्शिका

निष्कर्ष

कामाख्या मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति और रहस्य का संगम भी है। चाहे आप आध्यात्मिक शांति की तलाश में हों या पूर्वोत्तर भारत की खूबसूरती को देखना चाहते हों, यह यात्रा आपके लिए अविस्मरणीय होगी। अपनी यात्रा की योजना बनाएं, और इस पवित्र स्थल के दर्शन के साथ-साथ गुवाहाटी की अन्य जगहों का भी आनंद लें।

इसे भी देखे : गुवाहाटी यात्रा गाइड: घूमने की जगहें, यात्रा टिप्स और पूरी जानकारी

अधिक जानकारी के लिए असम पर्यटन की वेबसाइट देखें और अपनी यात्रा को और बेहतर बनाएं। जय मां कामाख्या!


 

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