उमानंद मंदिर: ब्रह्मपुत्र नदी के बीच बसा आध्यात्मिक और प्राकृतिक चमत्कार
उमानंद मंदिर, असम की राजधानी गुवाहाटी के पास ब्रह्मपुत्र नदी के बीच एक छोटे से द्वीप पर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे दुनिया के सबसे छोटे बसे हुए नदी द्वीपों में से एक माना जाता है। इसकी अनूठी स्थिति, ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य इसे एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल और पर्यटन स्थल बनाते हैं। इस पोस्ट में हम उमानंद मंदिर के बारे में विस्तार से जानेंगे, यहाँ की यात्रा की जानकारी प्राप्त करेंगे और इसके आसपास घूमने की जगहों के बारे में भी चर्चा करेंगे।
उमानंद मंदिर का परिचय
उमानंद मंदिर को उमानंद देवालोई के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर गुवाहाटी शहर से कुछ ही दूरी पर पीकॉक आइलैंड (मोर द्वीप) पर स्थित है। इसकी खासियत यह है कि यह ब्रह्मपुत्र नदी के बीचों-बीच बसा है, जो इसे एक अनोखा आध्यात्मिक और प्राकृतिक आकर्षण प्रदान करता है। मंदिर का नाम भगवान शिव के एक रूप “उमानंद” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “उमा (पार्वती) के आनंददाता।”
ऐतिहासिक दृष्टिकोण से, इस मंदिर का उल्लेख प्राचीन ग्रंथ कालिका पुराण में मिलता है। किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव ने यहाँ अपनी पत्नी पार्वती को ज्ञान प्रदान किया था और इस स्थान पर भस्म लगाकर ध्यान किया था। एक अन्य लोककथा के अनुसार, कामदेव ने यहाँ शिव की तपस्या में बाधा डाली थी, जिसके कारण शिव के क्रोध से वह भस्म हो गए। इसी वजह से इस पहाड़ी को “भस्माचल” भी कहा जाता है।
मंदिर की वास्तुकला भी देखने लायक है। यहाँ चट्टानों को तराशकर बनाई गई सीढ़ियाँ, गुफाएँ और मूर्तियाँ हैं, जो नागर शैली से प्रेरित हैं। मंदिर में भगवान शिव के साथ-साथ विष्णु, गणेश, सूर्य और अन्य देवताओं की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं।
उमानंद मंदिर की यात्रा की जानकारी
कैसे पहुँचें?
उमानंद मंदिर तक पहुँचने के लिए आपको गुवाहाटी आना होगा। यहाँ पहुँचने के प्रमुख रास्ते इस प्रकार हैं:
- हवाई मार्ग: गुवाहाटी का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा है। हवाई अड्डे से मंदिर तक टैक्सी या ऑटो से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
- रेल मार्ग: गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है। यहाँ से उमानंद घाट तक ऑटो या टैक्सी उपलब्ध है।
- सड़क मार्ग: गुवाहाटी सड़क मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा है। आप बस, टैक्सी या निजी वाहन से यहाँ पहुँच सकते हैं।
मंदिर तक पहुँचने के लिए आपको उमानंद घाट से नाव लेनी होगी। यह घाट गुवाहाटी के कचहरी घाट के पास स्थित है। नाव से पीकॉक आइलैंड तक का सफर लगभग 10-15 मिनट का होता है और यह अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है। नाव किराया सामान्यतः 20-50 रुपये प्रति व्यक्ति होता है, जो मौसम और भीड़ पर निर्भर करता है।
यात्रा का सबसे अच्छा समय
उमानंद मंदिर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और नदी का जलस्तर भी स्थिर होता है। मानसून के मौसम में (जून से सितंबर) नदी में बाढ़ की स्थिति के कारण यात्रा में परेशानी हो सकती है।
दर्शन का समय
मंदिर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। यहाँ कोई प्रवेश शुल्क नहीं है, लेकिन नाव से आने-जाने का खर्च आपको वहन करना होगा।
त्योहार
यहाँ शिव चतुर्दशी और अमावस्या के दिन विशेष पूजा होती है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। यदि आप भीड़ से बचना चाहते हैं, तो सामान्य दिनों में यात्रा की योजना बनाएँ।
उमानंद मंदिर के आसपास घूमने की जगहें
उमानंद मंदिर की यात्रा के साथ-साथ आप गुवाहाटी और इसके आसपास के कुछ शानदार स्थानों को भी देख सकते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख जगहों की जानकारी दी जा रही है:
1. कामाख्या मंदिर
गुवाहाटी में नीलांचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर माता सती को समर्पित है और तांत्रिक पूजा के लिए प्रसिद्ध है। उमानंद मंदिर के दर्शन के बाद यहाँ आना आपकी यात्रा को पूर्णता प्रदान करता है, क्योंकि यहाँ के भैरव (उमानंद) और शक्ति (कामाख्या) का गहरा संबंध माना जाता है। यह मंदिर उमानंद से लगभग 10 किलोमीटर दूर है।
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2. गोल्डन लंगूर और पीकॉक आइलैंड
उमानंद द्वीप पर मंदिर के अलावा गोल्डन लंगूर देखना एक खास अनुभव है। यह दुर्लभ प्रजाति एशिया के विलुप्तप्राय प्राणियों में से एक है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यहाँ का शांत वातावरण और हरियाली स्वर्ग के समान है।
3. असम राज्य चिड़ियाघर और वनस्पति उद्यान
गुवाहाटी में स्थित यह चिड़ियाघर पूर्वोत्तर भारत की जैव-विविधता को दर्शाता है। यहाँ बाघ, हिमालयन भालू, और एक सींग वाला गैंडा जैसे जानवर देखे जा सकते हैं। यह उमानंद से लगभग 15 किलोमीटर दूर है और परिवार के साथ घूमने के लिए बेहतरीन जगह है। अधिक जानकारी के लिए आप असम पर्यटन की वेबसाइट देख सकते हैं।
4. दीपोर बील
यह एक खूबसूरत वेटलैंड है जो पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। सर्दियों में यहाँ प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं। यह उमानंद से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। यहाँ की शांति और प्राकृतिक सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।
5. गुवाहाटी प्लैनेटेरियम
यदि आप विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो गुवाहाटी प्लैनेटेरियम आपके लिए एक शानदार जगह है। यहाँ तारों और अंतरिक्ष के बारे में रोचक जानकारी दी जाती है। यह उमानंद से केवल 5-6 किलोमीटर की दूरी पर है।
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यात्रा टिप्स
- नाव से यात्रा करते समय जीवन रक्षक जैकेट का उपयोग करें।
- मंदिर में चढ़ाने के लिए पूजा सामग्री साथ ले जाएँ, क्योंकि द्वीप पर दुकानें सीमित हैं।
- गर्मियों में पानी और छाता साथ रखें, वहीं सर्दियों में हल्के गर्म कपड़े ले जाएँ।
- कैमरे साथ ले जाना न भूलें, क्योंकि यहाँ के नज़ारे बेहद खूबसूरत हैं।
- यात्रा कैसे शुरू करें : एक अनोखी पर्यटन मार्गदर्शिका
निष्कर्ष
उमानंद मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि प्रकृति और इतिहास का एक अनूठा संगम भी है। ब्रह्मपुत्र नदी के बीच इसकी स्थिति इसे एक यादगार यात्रा बनाती है। इसके आसपास की जगहें जैसे कामाख्या मंदिर, दीपोर बील और असम चिड़ियाघर आपकी यात्रा को और रोमांचक बना सकते हैं। यदि आप असम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इस खूबसूरत मंदिर को अपनी सूची में ज़रूर शामिल करें।
अधिक यात्रा जानकारी के लिए भारत पर्यटन और असम के स्थानीय ब्लॉग्स देखें। अपनी यात्रा की कहानियाँ हमारे साथ साझा करना न भूलें!
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