Guwahati Travel Guide: मंदिरों से लेकर क्रूज़ तक, शहर का वो सब कुछ जो आपको जानना चाहिए!
क्या आप जानते हैं कि भारत के एक कोने में एक ऐसा शहर बसा है, जहाँ की हवाओं में सिर्फ ब्रह्मपुत्र की लहरें नहीं, बल्कि साक्षात् ‘चमत्कार’ और ‘रहस्य’ तैरते हैं? जी हाँ, हम बात कर रहे हैं असम के दिल Guwahati की! इसे सिर्फ असम का प्रवेश द्वार कहना गलत होगा, क्योंकि यह ‘शक्ति’ और ‘श्रद्धा’ का वो केंद्र है जो नास्तिकों को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर देता है।
कामाख्या की रहस्यमयी गुफाओं से लेकर ब्रह्मपुत्र के बीचो-बीच बसे उमानंद तक, आज का यह ब्लॉग आपको गुवाहाटी के उस सफर पर ले जाने वाला है, जहाँ विज्ञान आज भी हाथ जोड़कर खड़ा है। अपनी सीट की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि यह आध्यात्मिक सफर बेहद रोमांचक होने वाला है!
Guwahati City Travel Guide
नमस्ते दोस्तों, मैं हूँ अमित और स्वागत है आपका हमारे खूबसूरत भारत ब्लॉग पर। यार, आज मैं आपको Guwahati city के बारे में वो सब कुछ बताने वाला हूँ जो मैंने खुद महसूस किया है। कुछ दिन पहले ही मैं अपनी दोस्तो के साथ कामाख्या मंदिर दर्शन के लिए गया था। और भाई, वो ट्रिप ऐसी रही कि आज भी याद करके मुस्कुरा उठता हूँ। वहाँ नदी किनारे बैठे मैने सोचा क्यों न आपको भी इस खूबसूरत शहर से रूबरू कराया जाए। फिर क्या बन गया ये खूबसूरत कहानी।
तो आइए इस कहानी के जरिए एक्सप्लोर करते हैं गुवाहाटी के वो खूबसूरत नजारे, छिपे हुए ठिकाने और एडवेंचर से भरे स्पॉट्स, जहाँ कदम रखते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं! विशाल ब्रह्मपुत्र नदी के क्रूज़ पर ढलता हुआ जादुई सूरज देखने से लेकर, यहाँ के लजीज असमी स्वाद, रंगीन सिल्क बाजार और जंगलों के बीच छुपे रोमांच तक। यह शहर हर कदम पर एक नया सरप्राइज देता है। गुवाहाटी सिर्फ उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि कुदरत और मॉडर्न लाइफस्टाइल का एक ऐसा अनोखा संगम है जो आपकी रूह को तरोताजा कर देगा। तो चलिए, बिना देर किए शुरू करते हैं पूर्वोत्तर के इस सबसे जीवंत शहर का एक यादगार सफर!
Guwahati city असल में Assam की राजधानी है, Brahmaputra नदी के किनारे बसा हुआ। ये जगह सिर्फ शहर नहीं, बल्कि एक पूरा एहसास है। जहां पुरानी कहानियाँ नई जिंदगी के साथ घुली हुई हैं। अगर आप Guwahati tourism प्लान कर रहे हो तो ये पोस्ट आपके काम आएगी। मैं आपको एक-एक चीज बताऊंगा और पूरा कोशिश करूंगा कि आप बोर न हो। चलो शुरू करते है..
गुवाहाटी यात्रा एक नजर में
डोंगरगढ़ टूर से वापस आकर मैं अभी थोड़ा रेस्ट ही कर रहा था कि अचानक दोस्तों का कॉल आया और ट्रिप का प्लान फाइनल हो गया। हम सब स्कूल टाइम के यार हैं, जो सालों बाद एक साथ मिल रहे थे। जब हमारी ट्रेन गुवाहाटी पहुँची, तो शाम ढल चुकी थी। स्टेशन से बाहर कदम रखते ही ब्रह्मपुत्र नदी की ठंडी हवाओं ने जो हमारा स्वागत किया… भाई, वो नदी की महक और वो सुकून, उसने पल भर में हमारा मूड बना दिया! हम बिना देर किए होटल पहुँचे, चेक-इन किया और सीधे शहर को एक्सप्लोर करने निकल पड़े।

दोस्तों, अगर अलग से Guwahati City की बात करें, तो यह जगह मुझे हमेशा एक बड़े और प्यारे परिवार जैसी लगती है। विशाल ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा यह खूबसूरत शहर पूरे नॉर्थ-ईस्ट इंडिया का मुख्य प्रवेश द्वार है। डोंगरगढ़ से लौटने के बाद जब मैं अपने दोस्तों के साथ यहाँ पहुँचा, तो मुझे पहली बार में ही यह अहसास हो गया कि यह शहर सिर्फ घूमने लायक नहीं, बल्कि दिल खोलकर जीने लायक है! सुबह की हल्की गुनगुनी धूप में नदी के किनारे टहलना, शाम को पहाड़ियों की खूबसूरत परछाई देखना, और इन सबके बीच यहाँ के लोकल लोगों की गर्मजोशी, सब मिलकर एक ऐसा जादुई माहौल बनाते हैं जो सीधे दिल में उतर जाता है।
गुवाहाटी शहर का इतिहास भी बेहद गौरवशाली और पुराना है। प्राचीन काल में इसे ‘प्राग्ज्योतिषपुर’ (Pragjyotishpur) कहा जाता था, जो ऐतिहासिक कामरूप साम्राज्य का एक अहम हिस्सा हुआ करता था। सदियों से यह इलाका प्राचीन मंदिरों, पौराणिक कथाओं और व्यापारिक रास्तों का एक बड़ा केंद्र रहा है। आज भले ही यह बेहतरीन एयरपोर्ट, बड़े रेलवे जंक्शन, कैफ़े और मॉडर्न मार्केट्स वाला एक आधुनिक शहर बन चुका है, लेकिन इसकी पुरानी और पारंपरिक आत्मा आज भी यहाँ ज़िंदा है। Kamakhya Temple तो हर ट्रैवलर की लिस्ट में टॉप पर होता ही है, लेकिन इस शहर के पास आपको देने के लिए और भी बहुत कुछ है जो आपको अपनी ओर खींच लेगा।
मैं और मेरे स्कूल के फ्रेंड्स जब यहाँ घूम रहे थे, तो एक शाम हम सब सुकून से ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बैठे थे। हवा में हल्की सी नमी थी और दूर से नावों के हॉर्न की आवाज़ें गूँज रही थीं। तभी नदी की लहरों को देखते हुए संजय अचानक बोल पड़ा, “अमित यार, ये नदी कितनी शांत है, लेकिन अपने अंदर कितनी बड़ी ताकत समेटे हुए है!” सच में दोस्तों, गुवाहाटी शहर ब्रह्मपुत्र के बिना बिल्कुल अधूरा है।
यहाँ आकर रिवर क्रूज़ का मज़ा लेना तो बनता ही है, खासकर सनसेट के समय! पानी के ऊपर डूबते हुए सूरज को देखना आपके मन को एक असीम शांति से भर देता है। हमने भी एक शानदार क्रूज़ राइड ली और हमारा पूरा ग्रुप स्कूल की पुरानी यादों में खो गया। वो बचपन के मज़ाक, दोस्ती की बातें और लाइफ के छोटे-बड़े स्ट्रगल्स हमने सब कुछ एक-दूसरे से शेयर किया। पल थोड़ा इमोशनल ज़रूर था भाई, लेकिन सालों बाद अपने यारों के साथ बिताया वो पल बेहद सुकून देने वाला था!
Guwahati History: सदियों पुराने रहस्यों और राजाओं का गौरवशाली इतिहास!
यार, मेरा तो एक ही मानना है कि आप दुनिया में कहीं भी घूमने जाओ, सबसे पहले उस जगह के इतिहास के बारे में जान लो। घूमने का असली मज़ा तभी आता है जब आपको पता हो कि जिस ज़मीन पर आप खड़े हैं, उसका पास्ट क्या रहा है। Guwahati City के इतिहास की बात करें, तो यह जगह सदियों पुरानी राजा-महाराजाओं की कहानियों और रहस्यों से भरी पड़ी है। मैं जब अपने दोस्तों के साथ यहाँ गया, तो असम स्टेट म्यूजियम घूमकर और वहाँ के लोकल लोगों से बातचीत करके इसके इतिहास को जानने में जो मज़ा आया, वो एकदम नेक्स्ट लेवल था!
आपको जानकर हैरानी होगी कि गुवाहाटी शहर का सबसे पुराना और पौराणिक नाम ‘प्राग्ज्योतिषपुर’ (Pragjyotishpur) था, जिसका मतलब होता है ‘पूर्व के ज्योतिष का शहर’। यह प्राचीन ‘कामरूप साम्राज्य’ (Ancient Kamarupa Kingdom) का एक मुख्य हिस्सा हुआ करता था, जिसका ज़िक्र हमारे पवित्र ग्रंथों रामायण और महाभारत में भी मिलता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में नरकासुर के पुत्र राजा भगदत्त ने इसी पावन धरती पर राज किया था, जिन्होंने कौरवों की तरफ से महाभारत का युद्ध भी लड़ा था।
अगर मध्यकाल की बात करें, तो गुवाहाटी की इस रणनीतिक ज़मीन पर कई महान राजवंशों ने शासन किया। म्लेच्छ वंश (Mlechchha), वर्मन वंश (Varman), महान अहोम राजाओं (Ahom Kings) और कोच राजवंश (Koch Dynasty) सभी ने इस शहर की संस्कृति को निखारने में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया। हमारा प्यारा Kamakhya Temple भी इसी स्वर्णिम दौर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। मूल रूप से 8वीं-9वीं शताब्दी में बने इस मंदिर को विदेशी आक्रमणकारियों ने काफी नुकसान पहुँचाया था, लेकिन बाद में अहोम और कोच राजाओं ने इसका जीर्णोद्धार करवाया।
इतिहास बताता है कि साल 1565 में कोच राजा के सेनापति चिलाराय (Chilarai) ने इस मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण करवाया था। अपनी तांत्रिक परंपराओं के लिए मशहूर यह मंदिर आज भी पूरी दुनिया में शक्ति पूजा का सबसे बड़ा केंद्र है।
ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसे होने के कारण गुवाहाटी हमेशा से व्यापार और कमर्स का एक बहुत बड़ा गढ़ रहा। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान वैसे तो असम की राजधानी ‘शिलांग’ हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे गुवाहाटी की अहमियत इतनी बढ़ गई कि आज आज़ादी के बाद यह पूरे असम का सबसे बड़ा कमर्शियल और कल्चरल हब बन चुका है।
जब हम सब दोस्त Assam State Museum घूम रहे थे, तो वहाँ सदियों पुराने आर्टिफैक्ट्स, मूर्तियाँ और यहाँ की समृद्ध जनजातीय विरासत को देखकर हम दंग रह गए। वहाँ रखे इतिहास के पन्नों को देखते ही संतोष अचानक भावुक होकर बोला, “यार अमित, सोचो जरा इन दीवारों और पत्थरों में इतिहास की कितनी अनसुनी कहानियाँ छुपी हुई हैं!” सच में दोस्तों, गुवाहाटी का इतिहास सिर्फ किताबों के पन्नों में कैद नहीं है, बल्कि यहाँ के प्राचीन मंदिरों, ब्रह्मपुत्र की लहरों और यहाँ के लोकल कल्चर में आज भी साक्षात् सांस ले रहा है।
आज के मॉडर्न समय में गुवाहाटी शानदार एयरपोर्ट, बड़े रेलवे जंक्शन और नए एक्सप्रेसवेज़ के साथ पूरे नॉर्थ-ईस्ट का एक हाई-टेक गेटवे बन चुका है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इस विकास के बीच भी शहर की वो पुरानी आत्मा आज भी पूरी तरह बरकरार है। शाम के समय जब आप घाट पर बैठते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे ब्रह्मपुत्र की लहरें आज भी कानों में वही सदियों पुरानी कहानियाँ सुना रही हों। सच कहूँ तो, गुवाहाटी के इतिहास को समझे बिना इस शहर को पूरा ‘फील’ करना नामुमकिन है। हमारी ट्रिप में यह हिस्ट्री वॉक एक कमाल का एक्सपीरियंस रहा। अगर आप भी गुवाहाटी टूरिज्म का प्लान कर रहे हैं और इतिहास के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है!
Guwahati Tourist Places : Best Places in Guwahati जो आपको जरूर घूमने चाहिए
Guwahati History जानने के बाद अब आते है असली प्वाइंट guwahati Tiurism पर। भाई, Guwahati tourist places की बात करें तो ये शहर घूमने वालों के लिए खजाना है। यहाँ तो हर जगह पर नया अनुभव मिलता है। Guwahati tourism में spiritual, natural, cultural और adventurous सब कुछ है। चलो, मैं आपको अपने हिसाब से best places in Guwahati बताता हूँ, जैसे हम सब साथ घूम रहे हों।

Kamakhya Temple Guwahati
सबसे पहले बात करते हैं गुवाहाटी की जान Kamakhya Temple (कामाख्या मंदिर) की! Nilachal Hill पर स्थित यह पावन शक्तिपीठ हमारी पूरी ट्रिप का सबसे बड़ा हाइलाइट था। जब आप पहाड़ी की चढ़ाई करते हैं, तो वहाँ की हवाओं में ही एक अलग सी और बेहद पावरफुल एनर्जी महसूस होती है। अंदर जाकर दर्शन करने के बाद मन एकदम हल्का और शांत हो जाता है। हम सब ने काफी देर लाइन में लगकर पूरी श्रद्धा के साथ माँ के सामने प्रार्थना की।
दर्शन करके जैसे ही हम बाहर आए, तो शत्रुहन गदगद होकर बोला, ‘भाई, यहाँ आकर तो शरीर की सारी थकान एक पल में ही उतर गई!’ सच कहूँ तो, गुवाहाटी टूरिज्म में यह जगह हमेशा टॉप पर रहेगी, खासकर स्पिरिचुअल ट्रैवलर्स के लिए। वैसे, अगर आप कामाख्या मंदिर के रहस्यों और यात्रा के बारे में बिल्कुल विस्तार से जानना चाहते हैं, तो मेरा ‘कामाख्या मंदिर दर्शन‘ वाला स्पेशल पोस्ट देखना बिल्कुल मत भूलना!
Navgraha Temple
गुवाहाटी के टूरिस्ट प्लेसेज की लिस्ट में Navgraha Temple (नवग्रह मंदिर) को भी अपनी बकेट लिस्ट में ज़रूर शामिल करना! नीलाचल पहाड़ी के पास ही स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर ब्रह्मांड के नौ ग्रहों को समर्पित है। जब हम वहाँ गए, तो वहाँ के शांत और असीम वातावरण में बैठकर दिल से यह अहसास हुआ कि हमारी सदियों पुरानी मान्यताएँ आज भी कितनी जीवंत और शक्तिशाली हैं।
वहाँ के माहौल को देखकर अनिल तुरंत बोल पड़ा, ‘यार, एस्ट्रोलॉजी में इंटरेस्ट रखने वाले लोगों के लिए तो यह जगह एकदम परफेक्ट है!’ यह मंदिर भले ही छोटा है, लेकिन बेहद पावरफुल वाइब्स देता है, और यहाँ से शहर के व्यूज भी बहुत अच्छे मिलते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे कामाख्या मंदिर के ट्रिप के साथ आसानी से कंबाइन करके एक ही दिन में घूम सकते हैं।
Umananda Temple aur Peacock Island
ब्रह्मपुत्र नदी के ठीक बीचों-बीच बसा है एक छोटा सा Peacock Island (मयूर द्वीप), जहाँ नाव से जाते समय नदी का नज़ारा वाकई कमाल का लगता है! इस बेहद खूबसूरत आइलैंड पर बना ‘उमानंद मंदिर’ (Umananda Temple) जितना पीसफुल और सुकून देने वाला है, वहीं वहाँ के शरारती बंदरों के साथ माहौल उतना ही मज़ेदार और फनी हो जाता है। हम वहाँ आराम से घूमे, ढेर सारी तस्वीरें खींचीं और शांत माहौल में बैठकर जमकर गप्पें भी मारीं।
तभी रामू एक्साइटेड होकर बोला, ‘यार अमित, आज हमने एशिया का सबसे छोटा नदी द्वीप (Smallest River Island) भी देख लिया!’ सच कहूँ तो, गुवाहाटी की बेस्ट जगहों में से यह एक ऐसी जगह है जहाँ कुदरत और आध्यात्म का परफेक्ट मिक्स देखने को मिलता है।
Brahmaputra River Front aur Cruises
अगर आप गुवाहाटी आ रहे हैं, तो यहाँ का Brahmaputra River Cruise गलती से भी मिस मत करना, क्योंकि इसके बिना तो इस शहर का सफर ही अधूरा है! हम ठीक इवनिंग के वक्त क्रूज़ पर गए थे, और जब वहाँ से ढलता हुआ सनसेट देखा…यहाँ आकर रिवर क्रूज़ का मज़ा लेना तो बनता ही है, खासकर सनसेट के समय! अगर आप पहले से ही बुकिंग करना चाहते हैं तो यहाँ क्रूज़ की जानकारी और बुकिंग देख सकते हैं।
भाई, वो नज़ारा हमेशा के लिए एक यादगार पल बन गया। पूरे ट्रिप का यह सबसे बेस्ट और मैजिकल मोमेंट था! वैसे, रिवर हेरिटेज सेंटर (River Heritage Centre) के पास से भी नदी के व्यूज एकदम शानदार दिखाई देते हैं। वहाँ खड़े होकर जब ठंडी हवाएँ चल रही थीं, तो संजय अचानक बोल पड़ा, ‘अमित, ये नदी देखकर सच में लगता है कि पूरे असम की रूह (Soul) यहीं बह रही है!
Assam State Museum aur Srimanta Sankardev Kalakshetra
अगर आप भी मेरी तरह History और Culture के दीवाने हैं, तो गुवाहाटी आकर ‘Assam State Museum’ जाना तो बिल्कुल बनता है! वहाँ के ट्राइबल आर्टिफैक्ट्स (Tribal Artifacts) और सदियों पुरानी एंटिक चीजें देखकर ऐसा लगता है जैसे समय ठहर गया हो। उन्हें देखकर ही असल मायने में असम के इतिहास की गहराई समझ आती है। इसके बाद जब हम ‘Srimanta Sankardev Kalakshetra’ पहुँचे, तो वहाँ के ट्रेडिशनल डांसेज और असमिया संस्कृति के लाइव रंगों ने तो दिल ही जीत लिया। वहाँ का माहौल इतना जादुई और वाइब्रेंट था कि हम चाहकर भी खुद को रोक नहीं पाए और घंटों वहीं रुके रहे!
Assam State Zoo aur Pobitora Wildlife Sanctuary
इसके बाद हमने गुवाहाटी के Zoo, असम राज्य चिड़ियाघर में तरह-तरह के जानवरों को देखा और वहाँ के खूबसूरत बोटेनिकल गार्डन की हरियाली का पूरा मज़ा लिया। वैसे, अगर आपके पास थोड़ा और समय है, तो ‘Pobitora Wildlife Sanctuary’ का Day Trip एक बेस्ट ऑप्शन है। हमें वहाँ दुनिया के मशहूर एक सींग वाले गैंडे (Rhinos) को बेहद करीब से देखने का शानदार मौका मिला! सच कहूँ तो, गुवाहाटी टूरिज्म फैमिलीज़ और नेचर लवर्स के लिए एक बेहद कमाल का पैकेज है। यहाँ आपको एक ही जगह पर वाइल्डलाइफ, सुकून और कुदरत की बेमिसाल खूबसूरती का ऐसा परफेक्ट कॉम्बो मिलता है जो दिल खुश कर देता है।
Fancy Bazaar, Pan Bazaar aur Local Markets
और भाई, अगर गुवाहाटी आए और शॉपिंग नहीं की, तो ट्रिप अधूरा है! शॉपिंग के दीवानों के लिए Fancy Bazaar एकदम जन्नत है। यहाँ खूबसूरत हैंडिक्राफ्ट्स, असम का मशहूर सिल्क और चटपटा स्ट्रीट फूड सब कुछ एक ही जगह मिल जाता है। हमने बाज़ार की तंग गलियों में जमकर चक्कर काटे, घर और दोस्तों के लिए ढेरों गिफ्ट्स खरीदे और वहाँ का लोकल असमी खाना भी ट्राई किया, जो सच में उंगलियाँ चाटने पर मजबूर कर देने वाला था। अगर आपको गुवाहाटी की असली लोकल वाइब को जीना है और झोला भरकर शॉपिंग करनी है, तो फैंसी बाज़ार जाना तो बिल्कुल बनता है!
अन्य खास जगहें
अगर आपके पास गुवाहाटी में थोड़ा और वक्त है, तो कुछ और भी बेहतरीन ऑप्शन्स हैं जिन्हें आप एक्सप्लोर कर सकते हैं। जैसे Basistha Temple (वशिष्ठ मंदिर), जहाँ जंगलों के बीच बहता हुआ झरना और गुफा का शांत माहौल आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा। इसके अलावा, अगर आप भीड़-भाड़ से दूर कुदरत की गोद में सुकून बिताना चाहते हैं, तो पिकनिक और बोटिंग के लिए Chandubi Lake (चंदुबी झील) एकदम परफेक्ट जगह है। और हाँ, अगर आपको सितारों और ब्रह्मांड के रहस्यों में दिलचस्पी है, तो शहर के बीचो-बीच स्थित Guwahati Planetarium (गुवाहाटी तारामंडल) जाना भी एक बहुत मजेदार और शानदार एक्सपीरियंस रहेगा!
कुल मिलाकर बात यह है कि अगर आप Guwahati Tourist Places को अच्छे से देखना चाहते हैं, तो यहाँ कम से कम 3-4 दिन का समय ज़रूर लगाओ, तभी आपको इस सफर का पूरा मज़ा आएगा। हमारी इस पूरी ट्रिप में इन सभी जगहों को करीब से देखने और महसूस करने के बाद हमें एक बात तो समझ आ गई कि गुवाहाटी सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि यह अपने आप में एक बेहद खूबसूरत ‘अनुभव’ है! तो अगर आप भी इंटरनेट पर Best places in Guwahati सर्च कर रहे हैं, तो मुझे पूरा यकीन है कि मेरा यह पोस्ट आपके बहुत काम आएगा। कामाख्या और ब्रह्मपुत्र क्रूज़ के साथ-साथ यहाँ के Navgraha Temple जैसे Hidden Gems को भी अपने प्लान में शामिल करो, आपकी ट्रिप सच में हमेशा-हमेशा के लिए यादगार हो जाएगी!
Best Time To Visit Guwahati
दोस्तों, अगर आप Guwahati City घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सही मौसम चुनना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यहाँ टाइमिंग बहुत मैटर करती है!

October से March: सबसे बेस्ट सीजन (The Golden Period)
यह गुवाहाटी घूमने का सबसे परफेक्ट टाइम है। मौसम में हल्की ठंड होती है, वेदर सुहावना रहता है और ब्रह्मपुत्र नदी शांत होती है। इस मौसम में आप उमानंद आइलैंड, जू और मार्केट्स को बिना थके आराम से एक्सप्लोर कर सकते हैं।
- हमारा एक्सपीरियंस: हम लोग अभी जस्ट मानसून के शुरू होने से पहले ही गए थे। मौसम इतना प्यारा था कि Kamakhya Temple की चढ़ाई करते वक्त बिल्कुल थकान नहीं हुई। शाम को सनसेट क्रूज़ पर कॉफी पीते हुए जब हमने गप्पें मारीं, तो भवानी बोल पड़ा, “यार अमित, ये मौसम एकदम परफेक्ट है!”
April से September: मानसून और समर्स
- Summers (April-June): इन महीनों में गर्मी और ह्यूमिडिटी काफी ज़्यादा होती है।
- Monsoon (July-September): यहाँ भारी बारिश होती है, जिससे ब्रह्मपुत्र उफान पर आ जाती है और पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। हालाँकि, अगर आपको कम भीड़ और चारों तरफ गहरी हरियाली पसंद है, तो रेनकोट और छाता लेकर इस मौसम में आ सकते हैं। जून के अंत में यहाँ प्रसिद्ध अंबुबाची मेला भी लगता है, जिसमें भारी भीड़ होती है।
Mera Personal Suggestion
अगर बेस्ट एक्सपीरियंस चाहिए, तो अपनी ट्रिप सर्दियों में प्लान करो। हल्की ठंड में मंदिरों के दर्शन और लोकल फूड का मज़ा ही कुछ और है। गुवाहाटी को अच्छे से जीने के लिए 3-4 दिन काफी हैं। बस पीक सीजन में आने से पहले होटल्स एडवांस में बुक कर लेना। मौसम के हिसाब से प्लान करोगे, तो चाहे फैमिली हो या दोस्त, ट्रिप सुपरहिट रहेगी!
Guwahati Travel Tips
भाई, अगर आप भी Guwahati City घूमने की प्लानिंग कर रहे हो, तो इस ट्रैवल गाइड वाले पॉइंट्स को ज़रा ध्यान से पढ़ लो। मैं अपने दोस्तों के साथ इस ट्रिप से जो कुछ भी सीख कर आया हूँ, वो सब यहाँ शेयर कर रहा हूँ। सच कहूँ तो, अगर थोड़ी सी प्लानिंग पहले से कर ली जाए, तो गुवाहाटी टूरिज्म बेहद आसान और मज़ेदार हो जाता है! यहाँ आपके एकदम सीधा-सीधा पॉइंट-टू-पॉइंट गाइड तैयार है:
- कैसे पहुँचें: फ्लाइट से आने के लिए गुवाहाटी एयरपोर्ट (GAU) बेस्ट है, जो शहर से 20-25 किमी दूर है। ट्रेन से आने वाले सीधे गुवाहाटी स्टेशन या कामाख्या जंक्शन पर उतर सकते हैं। हम लोग ट्रेन से गए थे, जिसकी बुकिंग आप IRCTC की वेबसाइट पर कर सकते हैं।
- घूमने का सही समय: अक्टूबर से मार्च का महीना सबसे बेस्ट माना जाता है जब मौसम सुहावना होता है। मानसून शुरू होने से ठीक पहले भी जाया जा सकता है, लेकिन भारी बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है।
- कहाँ रुकें: ब्रह्मपुत्र रिवर व्यू वाले होटल्स या पलटन बाज़ार के पास मिड-रेंज बजट वाले कंफर्टेबल होटल्स चुनना सबसे सही रहता है।
- लोकल ट्रांसपोर्ट: शहर के अंदर घूमने के लिए ओला, उबर, लोकल टैक्सी या ऑटो सबसे अच्छे साधन हैं। उमानंद द्वीप जाने के लिए घाट से नावें मिल जाती हैं।
- प्रमुख दर्शनीय स्थल: कामाख्या मंदिर, नवग्रह मंदिर, उमानंद मंदिर (मयूर द्वीप), असम स्टेट म्यूजियम, श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र, असम राज्य चिड़ियाघर, फैंसी बाज़ार और ब्रह्मपुत्र रिवर क्रूज़ (सनसेट के समय बेस्ट)। इन सबको 3-4 दिन में आराम से कवर किया जा सकता है।
- खान-पान: यहाँ की पारंपरिक असमी थाली, फिश करी और बैंबू शूट ज़रूर ट्राई करें। अच्छे और ट्रेडिशनल खाने के लिए ‘Paradise Restaurant’ जा सकते हैं, साथ ही यहाँ का स्ट्रीट फूड भी काफी टेस्टी है।
- शॉपिंग: खरीदारी के लिए फैंसी बाज़ार सबसे बेस्ट मार्केट है, जहाँ से आप असम का मशहूर सिल्क, हैंडिक्राफ्ट्स और गिफ्ट्स देने के लिए सोवेनियर्स खरीद सकते हैं।
- पैकिंग गाइड: अगर अक्टूबर से मार्च (सर्दियों) में जा रहे हैं तो हल्के ऊनी कपड़े या जैकेट साथ रखें। मानसून के आस-पास जा रहे हैं तो एक मजबूत छाता या वाटरप्रूफ रेनकोट और फोन को बचाने के लिए वॉटरप्रूफ पाउच बैग में ज़रूर रख लें।
- फुटवियर और कपड़े: मंदिरों की चढ़ाई और क्रूज़ पर आने-जाने के लिए ग्रिप वाले आरामदायक स्पोर्ट्स शूज या सैंडल ही पहनें। साथ ही, मंदिरों में प्रवेश के लिए शालीन और पूरी लंबाई वाले कपड़े पैक करें।
- ज़रूरी सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स: ऑनलाइन पेमेंट (UPI) हर जगह चल जाता है, लेकिन नाव के किराए और छोटे स्टॉल्स के लिए थोड़ा कैश (खुले पैसे) हमेशा पास रखें। क्रूज़ और पहाड़ों पर लंबी रील्स/वीडियो बनाने के लिए एक अच्छा पावरबैंक और अपना कैमरा/गिंबल साथ ले जाना न भूलें।
- ज़रूरी टिप्स: कामाख्या मंदिर में लंबी लाइनों से बचने के लिए सुबह जितना जल्दी हो सके (भोर में) पहुँचें। अपने साथ पानी की बोतल हमेशा रखें ताकि हाइड्रेटेड रहें।
- बजट और सुरक्षा: गुवाहाटी की 3-4 दिनों की ट्रिप एक नॉर्मल मॉडरेट बजट में आसानी से हो जाती है क्योंकि यहाँ खाना और ट्रांसपोर्ट सस्ता है। यहाँ के लोकल लोग काफी हेल्पफुल हैं, इसलिए रास्ते या पते के लिए आप बेझिझक उनकी मदद ले सकते हैं।
- यात्रा कैसे शुरू करें : प्लानिंग टिप्स, बजट हैक्स और वो सब जो कोई नहीं बताता
- Tour Guide Hire Karne ki 5 Bhool? [मेरा 140+ Trips का Experience]
हमारी ट्रिप में इन्हीं छोटी-छोटी टिप्स की वजह से हमें कोई दिक्कत नहीं हुई और हमने ढेर सारी खूबसूरत यादें समेट लीं। तो बस, देर किस बात की? मौसम के हिसाब से अपनी ट्रिप प्लान कीजिए और दोस्तों या फैमिली के साथ हँसी-मज़ाक करते हुए पूर्वोत्तर के इस खूबसूरत शहर को एक्सप्लोर कीजिए!
क्यों खास हैं गुवाहाटी
अगर आप सोच रहे हैं कि इस शहर में ऐसा क्या खास है, तो जान लीजिए कि कुदरत और प्राचीन मंदिरों के अलावा, इस शहर की जो चीज़ आपका दिल जीत लेगी, वो है यहाँ के लोग! जब आप यहाँ के लोकल लोगों से बात करते हैं, तो समझ आता है कि उनका नेचर कितना ज़्यादा वेलकमिंग और मददगार है। अगर आप रास्ते में किसी से कोई रास्ता भी पूछ लें, तो वो सिर्फ रास्ता नहीं बताएंगे, बल्कि पूरी डिटेल के साथ गाइड कर देंगे। यही वो बातें हैं जो गुवाहाटी के इस सफर को और भी खूबसूरत बना देती हैं!
Guwahati city असल में Northeast की यात्रा शुरू करने का बेहतरीन point है। चाहे आप spiritual trip पर हो जैसे हम Kamakhya Temple Guwahati गए थे, या nature lover हो, या foodie – सबको कुछ न कुछ मिलेगा। मेरे लिए तो ये trip दोस्तों के साथ यादगार बन गई। Dongargarh की शांति के बाद Guwahati की ऊर्जा ने बैलेंस कर दिया।
अगर आप Guwahati city घूमने जा रहे हो तो एक सलाह – सुबह जल्दी निकलो, local food try करो, और Brahmaputra से बातें करो। ये शहर आपको अपना बना लेगा। मैं तो दोबारा जाना चाहता हूँ, अगली बार और ज्यादा time लेकर।
क्या आपका Guwahati city से कोई connection है? या पहली बार प्लान कर रहे हो? कमेंट में जरूर बताना यार। खूबसूरत भारत में हमारी ये यात्राएँ चलती रहेंगी।
जय माँ कामाख्या!





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